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सीएमएस का नया खेल-ऑफ लाइन एक्जाम के लिये स्कूल नहीं आओगे तो नहीं देंगे बोर्ड एक्जाम का प्रवेश पत्र -टीचर 

सीएमएस का नया खेल-गांधी जी,क्या आपकी टीचर मौत का सौदागर बनना चाह रही हैं ?

कंसेंट फार्म में बच्चे भर रहे हैं ‘डिसएग्री’ तो बच्चों पर ‘एग्री’ भरने का दबाव बना रही हैं टीचर 

कौन है हायर अथॅारिटी-जगदीश गांधी, प्रिंसपल वाईस प्रिंसपल या…

चौपाल न्यूज नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी के सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) एलडी शाखा में कोरोना काल की वजह से भयाक्रांत बच्चों पर जबरियन धौंस देकर स्कूल आने का दबाव बनाने का प्रकरण सामने आया है। टीचर मोबाइल फोन और ऑन लाइन क्लास के दौरान बच्चों को धमकी तक दे रही हैं,जिसकी वजह से अधिसंख्य अभिभावक व बच्चे मानसिक दबाव में आ गये हैं। हद तो तब हुयी जब सीएमएस,कानपुर रोड शाखा में कक्षा 12 की क्लास टीचर ने बच्चों को इस बात की धमकी दी कि यदि आपलोग ऑफ लाइन एक्जाम में नहीं आओगे तो बोर्ड एक्जाम का प्रवेश पत्र नहीं दिया जायेगा ? टीचर के इस धमकी से सभी परिवार में हडक़म्प मच गया है। सवाल यह है कि ऑफ लाइन एक्जाम में शामिल ना होने पर बोर्ड एक्जाम का प्रवेश पत्र ना देने का निर्देश किसने दिया है ? क्या प्रबंधक जगदीश गांधी ने दिया है, यदि हां तो उनका लिखित आदेश दिखाया जाये ? यदि प्रिंसपल या वाईस प्रिंसपल ने दिया है तो उसे भी दिखायें ? नहीं, तो फिर एक क्लास टीचर ने किस अधिकार से बच्चों को इतनी बड़ी धमकी दे दी। आपको बता दें कि ऑफ लाइन एक्जाम आगामी 2 नवंबर से शुरु होने वाला है। इसके अलावा बच्चों पर ‘एग्री’ व ‘डिसएग्री’ फार्म भरने का दबाव टीचर बना रही हैं। गांधी जी, आपको बता दूं कि मुख्यमंत्री का सख्त आदेश है कि जो अभिभावक यदि चाहेंगे तभी बच्चे स्कूल जायेंगे, बच्चों पर स्कूल आने का दबाव स्कूल प्रबंधन नहीं बना सकते हैं। गांधी जी, आपके टीचर हर बात में हॅायर अथारिटी का हवाला देकर नया नियम कानून बना रहे हैं…। मेरे हिसाब से तो हॅायर अथारिटी आप ही हैं। यदि स्कूल आने-जाने के दौरान कोई बच्चा कोरोना की चपेट में आ जाये तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा आप या ‘ज्ञान’ देने वाली टीचर ? सीधी बात करें तो यहां पढऩे वाले बच्चे और अभिभावकों को चहुंओर से मानसिक दबाव दिया जा रहा है। अभिभावक पैसा भी दे और मानसिक दबाव भी झेले ?

सीएमएस की एलडी शाखा में शिक्षा के नाम पर बच्चों और अभिभावकों को लूटने का काम किया जा रहा है। ऐसा लगता है यहां की शाखा में प्रबंधक जगदीश गांधी का नियंत्रण नहीं रहा है। तभी तो टीचर जो मन में आ रहा है हायर अथॅारिटी का हवाला देकर आन लाइन क्लास के दौरान बच्चों को धमकी से लेकर फर्जी आदेश जारी कर रही हैं। द संडे व्यूज़ नामक मीडिया समूह ने दावा किया है कि उसके पास ऐसे कई दस्तावेज हैं जिसे देखकर आप भी चौंक जायेंगे और कहेंगे की सीएमएस में पढ़ाना उनकी सबसे बड़ी भूल है। जी हां, यही सच है। आपको बता दूं कि आगामी 2 नवंबर से ऑफ लाइन एक्जाम होने वाला है। स्कूल में आने के लिये बच्चों को टीचर बेखौफ होकर धमकी दे रहे हैं। टीचर साफ तौर पर कह रही हैं कि जो बच्चे ऑफ लाइन एक्जाम में नहीं शामिल होंगे, उन्हेें बोर्ड एक्जाम का प्रवेश पत्र नहीं दिया जायेगा। इतना ही नहीं,यह भी कह रही हैं कि हॅायर अथारिटी का आदेश है। टीचर बतायें कि वो गुमनाम हायर अथॅारिटी कौन है, जिसे इतना पावर मिल गया कि वो बोर्ड एक्जाम का प्रवेश पत्र नहीं देगा ? कोई भी स्कूल प्रबंधन या प्रधानाचार्य बच्चों पर ये दबाव बना ही नहीं सकता कि वो बच्चों पर जबरियन स्कूल आने का दबाव बनाये। स्कूल में बच्चों को ये धमकी दी जा रही है कि यदि ऑफ लाइन एक्जाम में नहीं आये तो ऑन लाइन एक्जाम नहीं लिया जायेगा। वहीं, ऑन लाइन फार्म भरने के लिये बच्चों एवं अभिभावकों पर दबाव डाला जा रहा है। बार-बार ये पूछा जा रहा है कि आप अपने बच्चों को स्कूल क्यों नहीं भेज रहे हैं। अभिभावकों द्वारा कोरोना काल में न भेजने का जवाब देने पर  कहा जा रहा है कि और बच्चे स्कूल एक्जॅाम देने आ रहे हैं, आपके बच्चे को क्या दिक्कत है। गांधी जी,क्या आपकी एलडीए शाखा की प्रिंसपल और टीचर चाह रही हैं कि बच्चे स्कूल आयें और कोरोना के भेंट चढ़ जाये ?

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