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कैसे पूरा हो योगीजी के भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस का सपना

बहाली के नाम पर मंडलीय कमांडेंट मिर्जापुर ने मांगा होमगार्ड से तीन लाख रूपया, जांच शुरू

चौपाल न्यूज नेटवर्क
मिर्जापुर इस समय समय सुर्खियों में बना हुआ है। सोशल मीडिया पर मिर्जापुर-2 का ट्रेलर जहां लोगों को लुभा रहा है, वहीं स्थानीय लोगों के बीच एक सरकारी अफसरान अपनी ‘हरकतों’ को लेकर खासे चर्चा के विषय बना हुआ हैं। आज हर किसी के जबान पर बस एक ही सवाल है... कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के तमाम कोशिशों के बावजूद हमारे अफसरान सुधरने का नाम क्यों नहीं ले रहे हैं। ऐसे तो यह अफसर मुख्यमत्री के  भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस के सपने को ही मिट्टी पलीद कर रहे हैं और सम्बन्धित विभाग के बड़े अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
ताजा मामला होमगार्ड विभाग से है। एक स्थानीय न्यूज वेबसाईट के मुताबिक मिर्जापुर के मंडलीय कमांडेंट आर.के. चैरसिया ने अपने मातहत काम करने वाले होमगार्ड दुर्गा प्रसाद द्विवेदी से बहाली के नाम पर तीन लाख रूपये का घूस की मांग कर रहे हैं। दुर्गा प्रसाद द्विवेदी ने अपनी बहाली को लेकर एक शिकायती पत्र डीआईजी, इलाहाबाद संतोष सुचारी को दिया है जिसमें स्पष्ट लिखा है की मंडलीय कमांडेंट, मिर्जापुर उनसे बहाली के लिये तीन लाख रुपये मांग रहे हैं। वह इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं कर पाया तो उसे बहाल नहीं किया गया। वहीं, उसी मिर्जापुर जनपद के रायगढ़ कंपनी के दूसरे जवान बाबूलाल को बहाल कर दिया गया जिसे अनुशासनहीनता में बर्खास्त किया गया था। बाबूलाल से मोटी रकम लेकर मिर्जापुर के मंडलीय कमांडेंट ने उसे बहाल कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी इलाहाबाद ने मामले की जांच शुरू कर दी है तथा डीआईजी का कहना है कि दोषी पाये जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी।
 गौरतलब है कि होमगार्ड विभाग में निष्कासन और बहाली के बीच लेनदेन का यह धंधा कोई नया नहीं है। यह पहले भी देखा जाता रहा है कि यदि कोई जवान अपने कमांडेंट के अनुसार कार्य नहीं करता है तो उसे मानसिक प्रताड़ना हेतु पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाता है और बाद में उसे बर्खास्त कर दिया जाता है। उसके बाद जब वह जवान दुबारा बहाली के लिये जाता है तो तो शुरू होता है।
आपको बताते चलें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर के बाद हाल ही में होमगार्ड विभाग के दो कमांडेंट बर्खास्त कर दिया गया। बावजूद इसके इन अधिकारियों में भ्रष्टाचार का हौसला कहां से आता है? चर्चा का विषय बना हुआ है। होमगार्ड विभाग में यह आमतौर पर देखा जाता रहा है कि अवैतनिक अधिकारी एवं होमगार्ड को बर्खास्त करते समय उनके आदेश में लिखा जाता है कि आपने जो कार्य किया है उससे विभाग की छवि धूमिल होती है, इसलिए आप को बर्खास्त किया जा रहा है। क्या किसी अधिकारी ने भ्रष्टाचार करते समय भी है सोचा है कि भ्रष्टाचार से भी विभाग की छवि धूमिल होती है... और उन्हें भी क्यों नहीं दंडित किया जाना चाहिए? यह सवाल उस समय और गंभीर हो जाता है जब इन भ्रष्ट अफसरों द्वारा बर्खास्त किये हुए जवानों को न्यायालय द्वारा बहाल कर दिया जाता हो। 
बहरहाल, घुसकांड के इस मसले पर डीआईजी इलाहाबाद ने अपनी गंभीरता स्पष्ट करते हुए कहा है कि मुझे जो शिकायती पत्र मिला है उस पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी। वहीं मंडलीय कमांडेंट आर.के.चैरसिया के मोबाइल पर दो बार बात करने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

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